नदलेस ने की संविधान दिवस पर स्वतंत्र रचनापाठ एवं विचार ऑनलाइन गोष्ठी, 26 नवंबर, 2025

संविधान दिवस के उपलक्ष्य में रचना पाठ एवं विचार गोष्ठी का ऑन लाइन आयोजन

          दिनांक 26 नवंबर, 2025 को साँय 6 बजे नदलेस (नव दलित लेखक संघ) ने संविधान दिवस के उपलक्ष्य में रचना पाठ एवं विचार गोष्ठी का ऑन लाइन आयोजन किया। गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ अमित धर्म सिंह ने की एवं संचालन लोकेश कुमार ने किया। विषय प्रवेश हेतु डॉ पूरन सिंह ने विषय पर अपने सारगर्भित विचार रखे। विचार गोष्ठी में उपस्थित दलित साहित्यकारों ने संविधान की महिमा पर अपने अपने विचारों से अवगत कराया। कवियों ने संविधान पर रची मोहक रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भाव विभोर किया। गोष्ठी में अरुण पासवान ने विषय पर अपने विचार रखे एवं कविता का पाठ किया। आर पी सोनकर ने संविधान पर अपने विचारों से अवगत कराया एवं सामायिक विषयों पर दो गजलें तरुन्नुम में प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाह वाह पाई।   डी एल धांधव, डॉ पूरन सिंह ने भी कविता पाठ किया। माम चंद सागर ने संविधान की महिमा का बखान किया। राजवीर सिंह निम ने कविता सुनाई। पुष्पा विवेक ने विचार रखे एवं संविधान पर कविता पढ़कर सुनाई। मदन लाल राज ने विचार रखे एवं कविता पाठ किया। डॉ रौबी  फोजदार ने विचार रखे। हरीश पांडल ने विचार सहित कविता पाठ किया। गोपेंद्र कुमार सिंह ने विचार रखे एवं डॉ राम प्रीत आनंद ने कविता पाठ के साथ साथ अपने विचार भी रखे।   जालिम प्रसाद ने कविता पाठ किया और विचार रखे।   गौतम प्रकाश ने कविता पढ़ी एवं विचार प्रस्तुत किए। इसी प्रकार सभी साहित्यकारों ने अपने विचार साझा किए एवं रचना पाठ किया। साहित्य प्रेमी अपनी अपनी रचनाओं की प्रस्तुति के लिए अंत तक गोष्ठी में जुड़े रहे। जिसमें मुख्य साहित्यकार निम्न प्रकार थे: डॉ रामहेत गौतम,एदल सिंह,आर पी वर्मा,जयराम कुमार पासवान, चितरंजन गोप लुकाटी, कबीर विद्रोही,प्रदीप सागर,भूप सिंह भारती, कुँवर नाजुक इत्यादि। सभी साहित्यकारों ने अपनी रचना धर्मिता से श्रोताओं को अभिभूत किया। अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ. अमित धर्मसिंह ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आज के समय की प्रमुख समस्याओं और चुनौतियों पर समुचित प्रकाश डाला। और संविधान की प्रस्तावना पढ़कर वक्तव्य पूर्ण किया। अंत में डॉ पूरन सिंह ने श्रोताओं को धन्यवाद ज्ञापन देकर कवियों को नदलेस में जुडने   के लिए आभार जताया।

रिपोर्ट : माम चंद सागर (27 नवंबर 2025)

































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