नदलेस की मासिक काव्य एवं विचार गोष्ठी, 22/02/2026, संयोजक : बंशीधर नाहरवाल
नदलेस की मासिक काव्य एवं विचार गोष्ठी 22 फरवरी, 2026 को रविवार की मीठी दुपहरी में नवदलित लेखक संघ (नदलेस) की मासिक गोष्ठी बंशीधर नाहरवाल जी के सौजन्य से पालम गाँव स्थित कबीर आश्रम में हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ अमित धर्मसिंह ने की एवं सफल संचालन मदन लाल राज जी ने किया। गोष्ठी में दलित समाज के सरोकारों पर विस्तृत चर्चा हुई। तत्पश्चात सदस्य कवियों ने अपनी अपनी मधुर रचनाएँ प्रस्तुत कीं। रचना पाठ का आगाज माम चंद सागर ने किया। उनकी कविता ‘प्रदूषण’ के बोल थे –‘नभ प्रदूषण की चादर में लिपटा हुआ है; स्वच्छता अभियान कहाँ सिमटा हुआ है। उनकी दूसरी कविता थी ‘ये किसका आंचल ढलक गया; झुके तारों से भर फ़लक गया। राधे श्याम कंसोटिया ने अपनी क्षणिका में शब्द कुछ यूं पिरोए- हमने तुम्हारी दहाड़ से ऋतुओं को अनियमितता से परिवर्तित होते हुए पाया है....। नदलेस के पूर्व अध्यक्ष बंशीधर नाहरवाल ने अपनी दो कविताएं प्रस्तुत कीं- मैं अफसर आला सरकारी, मातहतों का मैं हित चिंतक राष्ट्र हितों का हितकारी। उनकी दूसरी कविता -मैं नेता हूँ...। इसी क्रम में वयोवृद्ध कवि एदल सिंह ने वसंत ऋ...