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Showing posts from July, 2022

नदलेस की ओपन मासिक काव्य गोष्ठी (31/07/2022) की रिपोर्ट

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रिपोर्ट नदलेस ने किया ऑनलाइन ओपन मासिक काव्यगोष्ठी का आयोजन दिल्ली। नव दलित लेखक संघ ने गूगल मीट पर ऑनलाइन ओपन मासिक गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी की अध्यक्षता डा. अनिल कुमार ने की और संचालन डा. अमित धर्मसिंह ने किया। गोष्ठी में दिल्ली के साथ-साथ राजस्थान, बिहार, बनारस, झारखंड, हरियाणा आदि दूर दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में दलित कवि और शायर जुड़े जिन्होंने तहत और तरन्नुम से रचनाएं पढ़कर गोष्ठी को शानदार ऊंचाई प्रदान की। दलित कवियों और शायरों को रचनाओं में दलितों की विविध आयामी सामाजिक स्थिति दर्ज हुई। काव्य पाठ करने वाले तमाम दलित रचनाकारों कीकविताएं संवेदना के स्तर पर अत्यंत गहरी और अभिव्यक्ति के स्तर पर उत्कृष्ट रहीं। जिनका अक्षुण्ण प्रभाव गोष्ठी में उपस्थित सभी श्रोताओं एवं रचनाकारों पर पड़ा। काव्य पाठ करने वालों में बंशीधर नाहरवाल, बिभाष कुमार, कर्मशील भारती, मामचंद सागर, बी एल तोंदवाल, रामावतार सागर, समय सिंह जोल, मदनलाल राज़, मोहनलाल मनहंस, संतोष पटेल, प्रो. बिपिन कुमार, जयराम पासवान, दीपक मेवाती, खन्नाप्रसाद अमीन, आर. एस. आघात और अमित धर्मसिंह आदि के नाम मुख्य रहे। इनके अति...

नदलेस की विचार एवं काव्य गोष्ठी, 24/07/2022

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रिपोर्ट : नव दलित लेखक संघ की विचार एवं काव्य गोष्ठी           दिल्ली। नव दलित लेखक संघ की विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन कनॉट प्लेस स्थित, कॉफी हाउस पर हुआ। गोष्ठी की अध्यक्षता कर्मशील भारती ने की और संचालन डा. अमित धर्मसिंह ने किया। उपस्थित दलित साहित्यकारों में मदनलाल राज, समय सिंह जोल, बृजपाल सहज, गीता कृष्णांगी, इंदु रवि, कमलेश कुमार, मधु कुमारी, प्रीति कुमारी, कृष्णकांत आदि उपस्थित रहे। सर्वप्रथम डा. अमित धर्मसिंह ने गोष्ठी के विषयों पर विस्तार से बात रखी, तत्पश्चात गोष्ठी के प्रथम चरण में नदलेस की पत्रिका सोच और नदलेस के रजिस्ट्रेशन और विस्तार को लेकर विस्तार से विचार विमर्श हुआ। सोच को वार्षिक संकलन बनाने और नदलेस को विस्तार देने के विषय में सभी वक्तागण एकमत से सहमत हुए। तय हुआ कि सोच को फिलहाल वार्षिक संकलन के रूप में रखा जाए और संबंधित प्रकाशनों के द्वारा आईएसबीएन के अंतर्गत ही प्रकाशित कराई जाए। जिसका संपूर्ण अधिकार व दायित्व, प्रति वर्ष चुने जाने वाले संपादक विशेष का होगा। इससे संगठन की पत्रिका व्यक्ति विशेष के स्वामित्व में जाने से बचेगी और प्रत्ये...

संस्कृति मंत्रालय और साहित्य अकादमी को दिया गया पत्र

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नव दलित लेखक संघ ने संस्कृति मंत्रालय और साहित्य  अकादमी को लिखी चिट्ठी           दिल्ली। सस्कृति मंत्रालय और साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में हुए तीन दिवसीय (16 जून से 18 जून 2022) अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सव के संदर्भ में नव दलित लेखक संघ ने संस्कृति मंत्रालय और साहित्य अकादमी को चिट्ठी लिखी है। जिसमें देश भर से करीब पिचासी दलित साहित्यकारों ने माना कि अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सव में दलित संगठनों से भी दलित साहित्यकारों को बुलाया जाना चाहिए था। साथ ही उक्त कार्यक्रम में दलित विमर्श से जुड़ा सत्र अलग से रखा जाना चाहिए था। चिट्ठी में यह भी निवेदन किया गया कि भविष्य में इस तरह के होने वाले कार्यक्रमों में दलित संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि साहित्यकारों को भी बुलाया जाना चाहिए। सर्व विदित है कि आज दलित साहित्य न सिर्फ देश भर में लिखा पढ़ा जा रहा है बल्कि विदेशों में भी इसकी स्पष्ट पहचान बन चुकी है। देश विदेश के विविध कॉलेज और यूनिवर्सिटी आदि के पाठ्यक्रमों में दलित साहित्य पढ़ाया जा रहा है, इसलिए किसी भी संदर्भ में दलित साहित्य की अनदेखी नहीं की जा सकती ...