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Showing posts from December, 2022

30/12/2022 को हुई 2022 की आखिरी गोष्ठी की रिपोर्ट

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रिपोर्ट : नदलेस ने आयोजित की स्वतंत्र काव्य पाठ गोष्ठी          नदलेस द्वारा आयोजित 2022 की आखिरी गोष्ठी स्वतंत्र काव्य पाठ पर केंद्रित रही। इसकी अध्यक्षता डा. कुसुम वियोगी ने की और संचालन डा. अमित धर्मसिंह ने किया। गोष्ठी में सामाजिक परिवर्तन, समानता और न्याय की पक्षधर, एक से बढ़कर एक कविता प्रस्तुत की गई। ये कविताएं कथ्य में जितनी विविध रहीं उतनी ही शिल्प और विधा में वैविध्य लिए हुए रहीं। तहत और तरन्नुम से पढ़ी गई अधिकांश कविताएं और गजलें खूब पसंद की गई। काव्यपाठ करने वाले रचनाकार क्रमशः डा. प्रेरणा उबाले, अनिल कुमार गौतम, जोगेंद्र सिंह, तरुण कुमार, उमेश राज़, डा. धीरज वनकर, डा. पूनम तुषामड, डा. घनश्याम दास, सुरेश सौरभ गाजीपुरी, सईद परवेज़, डा. खन्नाप्रसाद अमीन, डा. नविला सत्यादास, भगवान दास सुजात, डा. मनोरमा गौतम, ममता अंबेडकर, डा. अमिता मेहरोलिया, मोहनलाल सोनल मनहंस, पुष्पा विवेक, बिभाष कुमार, आर. पी. सोनकर, इंदु रवि, बंशीधर नाहरवाल, चितरंजन गोप लुकाटी, डा. अनिल गौतम, हरीश पांडल, विनोद सिल्ला, सिद्धार्थ प्रकाश, डा. सुनीता मंजू, योगेंद्र प्रसाद अनिल, तिलक तन...

27/12/2022 को हुई गोष्ठी की संक्षिप्त रिपोर्ट

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नदलेस ने की कहानी वाचन और परिचर्चा गोष्ठी           दिल्ली। नव दलित लेखक संघ, दिल्ली के तत्त्वावधान में कहानी वाचन और परिचाचर्चा गोष्ठी का ऑनलाइन आयोजन किया गया। कहानी वाचन और परिचर्चा गोष्ठी डा. खन्नाप्रसाद अमीन की कहानी 'चमार का कुआं ' पर केंद्रित रही। कहानी का प्रभावी वाचन डा. गीता कृष्णांगी ने किया। कहानी पर प्रो. दिलीप मेहरा ने विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि खन्नाप्रसाद अमीन कहानी लिखने में दक्ष हैं। दोस्त होने के नाते उनकी पत्नी के बाद मैं उनकी कहानियों का दूसरे नंबर का श्रोता रहता हूं। उनकी यह कहानी चमार का कुआं उनके हाल ही में प्रकाशित कहानी संग्रह भ्रमजाल में संकलित है। कहानी बेजोड़ और अपने उद्देश्य में सफल कहानी है। कहानी के यूं तो कई महत्त्वपूर्ण पक्ष हैं लेकिन उनमें ठाकुर संग्राम सिंह के हृदय परिवर्तन और उनकी पत्नी की जागरूकता विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है। कहानी में ठाकुर और ठकुराइन द्वारा सोमा चमार के कुएं का पानी पिया जाना दर्शाता है कि सबसे पहले मनुष्य और उसका जिंदा रहना है। बाकी सब जातिवादि और धार्मिक आडंबर बाद की बात है। खन्ना...

18/12/2022 को हुई गोष्ठी की संक्षिप्त रिपोर्ट

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रिपोर्ट नदलेस ने की कहानी एवं काव्य पाठ गोष्ठी।  दिल्ली। नव दलित लेखक संघ की मासिक गोष्ठी का आयोजन पालम, नई दिल्ली में स्थित अंबेडकर भवन में हुआ। जिसका संयोजन डा. अमिता मेहरोलिया ने किया। गोष्ठी की अध्यक्षता पुष्पा विवेक ने की और संचालन डा. अमित धर्मसिंह ने किया। गोष्ठी के आरंभ में डा. अमिता मेहरोलिया को डी.सी.ए.सी (दिल्ली विश्वविद्यालय) में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की बधाई दी गई। गोष्ठी की अध्यक्ष पुष्पा विवेक ने डा. अमिता को माल्यार्पण कर सम्मानित किया। अमिता जी के पिता कृष्णपाल जी का सम्मान दीपक कुमार द्वारा माल्यार्पण कर किया गया। सतीश खनगवाल को डा. अमित धर्मसिंह ने नदलेस की आजीवन सदस्यता का पत्र सौंपते हुए नदलेस का पैन भेंटस्वरूप दिया।            गोष्ठी परिचर्चा एवं काव्य पाठ दो चरणों में सम्पन्न हुई। प्रथम चरण में कहानीकार सतीश खनगवाल द्वारा कहानी वाचन किया गया, जिसका शीर्षक "सपनो का घर" था। यह कहानी उस व्यक्ति के सपनो का घर खरीदने के इर्दगिर्द घूमती है जो एक आदिवासी समाज में पैदा हुआ और जीवन की कई कठिनाई पूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अच्छी शिक्षा ...