Posts

Showing posts from September, 2024

नदलेस की चौथी कार्यकारिणी का गठन तथा 'और खिड़कियां खुलती गईं' का लोकार्पण

Image
कार्यकारिणी का गठन एवं लोकार्पण               दिल्ली। नव दलित लेखक संघ, दिल्ली द्वारा हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर, शाहदरा स्थित संघाराम बुद्ध विहार में चौथी आमसभा आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से नदलेस की चौथी कार्यकारिणी का गठन किया गया। साथ ही, डॉ. उषा सिंह की आत्मकथा 'और खिड़कियां खुलती गईं' का लोकार्पण भी किया गया। गोष्ठी में सर्वप्रथम डॉ. अमित धर्मसिंह द्वारा गत वर्ष की संपूर्ण गतिविधियों पर संक्षिप्त प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि गत वर्ष में नदलेस ने कुल तैतीस गोष्ठियों का आयोजन किया। इनमें करीब पंद्रह गोष्ठियां विविध पुस्तकों पर परिचर्चा, दस स्वतंत्र काव्य पाठ गोष्ठी, छह लोकार्पण समारोह और बाकी कार्यकारिणी की मीटिंग की तरह आयोजित हुईं। इस दौरान अडतालीस नए आजीवन सदस्य बने। नदलेस द्वारा परिचर्चित कहानियों का संकलन क़िस्त और सोच के तीसरे वार्षिक अंक का संपादन व प्रकाशन भी गत वर्ष की एक बड़ी उपलब्धि रही। कुल मिलाकर गत वर्ष का पूरा कार्यकाल रचनात्मक गतिविधियों और उपलब्धियों से भरा रहा। तत्पश्चात नदलेस की चौथी कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से चुनाव किय...

तीरसी कार्यकारिणी की वार्षिक मूल्यांकन की (आखिरी) बैठक

Image
    तीसरी कार्यकारिणी की अंतिम बैठक           दिल्ली। नव दलित लेखक संघ, दिल्ली की तीसरी कार्यकारिणी की वार्षिक मूल्यांकन की (आखिरी) बैठक का आयोजन वर्तमान अध्यक्षा पुष्पा विवेक और उनके पति आर सी विवेक (वर्तमान कार्यकारिणी में सम्मानित सदस्य) के संयोजन में रोहिणी, दिल्ली स्थित उन्हीं के आवास पर किया गया। बैठक की अध्यक्षता वर्तमान अंकेक्षक मदनलाल राज़ ने की और संचालन बृजपाल सहज ने किया। कार्यकारिणी की इस महत्त्वपूर्ण बैठक में उक्त के अलावा वर्तमान उपाध्यक्ष बंशीधर नाहरवाल, प्रचार सचिव जोगेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. अमित धर्मसिंह, सम्मानित सदस्य डॉ. गीता कृष्णांगी, सलीमा, राधेश्याम कांसोटिया, लोकेश कुमार, आर. पी. सोनकर आदि उपस्थित रहे।           बैठक में सर्वप्रथम वर्तमान कोषाध्यक्ष डॉ. अमित धर्मसिंह ने गत वर्ष की संपूर्ण गतिविधियों पर यथोचित प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि "आज की बैठक सहित तीसरी कार्यकारिणी ने गत पूरे वर्ष में कुछ तैंतीस ऑफलाइन और ऑनलाइन गोष्ठियां आयोजित हूं। इन गोष्ठियों में करीब छह पुस्तकों के लोकार्पण हुए, पंद्रह...

गोष्ठी शतक मूल्यांकन विचार एवं काव्य गोष्ठी

Image