नदलेस ने की नवोन्मेष स्त्री पुरुष समभाव काव्यपाठ ऑनलाइन गोष्ठी, 27/09/2025
नदलेस ने की नवोन्मेष काव्य गोष्ठी
नव दलित लेखक संघ की पाँचवीं कार्यकारिणी 2025 के तत्त्वाधान में ‘नवोन्मेष स्त्री-पुरुष समभाव काव्य गोष्ठी’ पर स्वतंत्र काव्य पाठ का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी का यह आयोजन गूगल मीट पर दिनांक 27 सितंबर,2025 को साँय 6 बजे किया गया। जिसकी अध्यक्षता नव निर्वाचित अध्यक्ष डॉ अमित धर्म सिंह ने की। संचालन लोकेश कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन बंशीधर नाहरवाल ने किया। काव्य गोष्ठी में सभी कवि सदस्यों ने अपनी अपनी मोहक रचनाओं का पाठ किया। कवि के रूप में अरुण पासवान, आर पी सोनकर, डी एल धांधव, जोगेन्द्र सिंह,माम चंद सागर, जलेस्वरी, बी एल तोंदवाल, गौतम प्रकाश, ओम प्रकाश, मदन लाल राज, हुमा खातून, पुष्पा विवेक, इंजी. रूप सिंह रूप, डॉ अमित धर्मसिंह, बंशीधर नाहरवाल, टेकचंद पांडल इत्यादि रहे जिन्होंने अपनी रचना धर्मिता से सभी को अभिभूत किया। रूप सिंह रूप जी के नवगीत –‘कोई नायक नहीं मैं इस दौर का, ‘हम असली पटकथा लिखेंगे’ को सभी ने खूब सराहा। इसी क्रम में अरुण पासवान ने – पक्ष है,विपक्ष है, कोई कोई निष्पक्ष है जैसी कविता सुनाई। माम चंद सागर ने अपनी कविता-नहीं मैं समय व्यर्थ गंवाता हूँ, मैं जलते ज्वलंत सवालों से परिवर्तन की प्यास बुझाता हूँ’ गौतम प्रकाश ने ने गजल पेश की-‘क्यूँ सन्नाटा सा पसरा है, कोई बात है क्या’ मदन लाल राज ने ‘नीला कबूतर’शीर्षक से अपनी कविता सुनाई। बी एल तोंदवाल ने–‘रहे सदियों से गुलाम,अवांछित, अतार्किक’ कविता सुनाई। टेकचंद पांडल ने –‘बिजली पहाड़ पानी नदिया सब कुछ बेची जाएगी’ कविता में भविष्य के समाज की चिंता को उजागर किया। वरिष्ठ गजलकार आर पी सोनकर ने अपनी गजल से सभी को मुग्ध किया। सभी कवियों ने अपनी अपनी कविताओं,गजलों एवं नव गीतों से समाँ बांधा।रिपोर्ट : माम चंद सागर
प्रचार सचिव, नदलेस

































































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