नदलेस की पांचवीं कार्यकारिणी की प्रथम बैठक, सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय 21/09/2025

   

नदलेस की पांचवीं कार्यकारिणी की प्रथम बैठक, सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय 

           नदलेस की पांचवीं कार्यकारिणी की प्रथम बैठक दिनांक इक्कीस सितम्बर, 2025 को पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे से कनॉट प्लेस, राजीव चौक, दिल्ली स्थित, इंडियन कॉफी हाउस पर संपन्न हुई। यह बैठक, मासिक गोष्ठी प्लान चार्ट, गत कार्यकारिणी के पेंडिंग कार्य (सोच चार का प्रकाशन सहित), नव निर्वाचित पदाधिकारियों को सम्बन्धित सामग्री हैंड ओवर करने, नदलेस की परिचायिका प्रकाशित करने और वार्षिक सहयोग राशि आदि जमा करने के संदर्भ में रखी गई। इसकी अध्यक्षता नव विर्वाचित अध्यक्ष डॉ अमित धर्मसिंह ने की एवं संचालन नव निर्वाचित सचिव लोकेश कुमार ने किया। बैठक में पूर्व अध्यक्ष बंशीधर नाहरवाल, वर्तमान सहसचिव जोगेंद्र सिंह, वर्तमान अंकेक्षक राधेश्याम कांसोटिया, सदस्य राजपाल सिंह राजा, राजवीर सिंह निम और गौतम प्रकाश आदि उपस्थित रहे।

          बैठक में सर्वप्रथम, सत्र के आगामी बारह माह में होने वाली मासिक गोष्ठियों का चार्ट तैयार किया गया। उपस्थित सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी सुविधानुसार संबंधित माह में गोष्ठी संयोजित करने के विषय में अपने-अपने नाम दर्ज करवाएं। इसके बाद तय किया गया कि गत कार्यकारिणी के पेंडिंग वर्क को गत कार्यकारिणी के संबंधित पदाधिकारियों द्वारा निपटाया जाएगा। यथा पेंडिंग रिपोर्ट्स आदि को गत कार्यकारिणी के प्रचार सचिवों द्वारा पूरा किया जाएगा। सोच चार का संपादन, गत कार्यकारिणी में चयनित सम्पादक मंडल द्वारा आगामी दिसंबर से पूर्व सम्पन्न किया जाएगा। सोच चार के प्रकाशन उपरांत ही सोच पांच के प्रकाशन पर विचार किया जायेगा। इस सत्र की प्रथम छमाही में शेष ग़ज़ल संग्रहों पर पूर्व की तरह ही ऑनलाइन ग़ज़लशाला गोष्ठियां रखी जाएंगी। बाद की छमाही में नदलेस की कार्यकारिणी के सदस्यों अथवा पदाधिकारियों के प्रकाशित काव्य संग्रहों (जोकि गत चार वर्षों यानी नदलेस के गठन से लेकर आज तक प्रकाशित होने चाहिए) पर ऑफलाइन गोष्ठियों के प्रथम चरण में परिचर्चा रखीं जाएंगी और दूसरे चरण में काव्यपाठ रखा जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर ग़ज़ल की तकनीकी पर भी कुछ कार्यशालाएं ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन रखी जाएंगी जिनमें संबंधित विषयों पर लिखित पेपर आदि भी प्रस्तुत किए जायेंगे। बाद में, तमाम ग़ज़लशाला की रिपोर्ट्स, ग़ज़ल संग्रहों की एक-एक समीक्षा और तमाम पेपर आदि को मिलाकर, एक पुस्तक का रूप भी दिया जायेगा। उक्त के अतिरिक्त आजीवन सदस्यों के लिए प्रत्येक माह ऑनलाइन स्वतंत्र काव्य पाठ गोष्ठी रखी जाएगी जो प्रत्येक माह के आखिरी शनिवार को रखी जाएगी तथा ऑनलाइन ग़ज़लशाला और ऑफलाइन गोष्ठी सुविधानुसार प्रत्येक माह के आखिरी दो रविवारों में से किसी एक को आयोजित/संयोजित की जाएगी। इस प्रकार प्रत्येक माह में न्यूनतम तीन गोष्ठियां (एक ऑफलाइन और दो ऑनलाइन) आयोजित/संयोजित की जायेंगी। 

          सर्वसम्मति से यह भी तय किया गया कि इस वर्ष नदलेस की वृहत परिचायिका प्रकाशित की जाएगी। ज्ञात हो कि इसकी योजना नदलेस के गठन के साथ ही, सर्वसम्मति से यह तय करते हुए बनाई गई थी कि यदि नदलेस आगामी चार वर्षों में ठीक से कार्य करता रहेगा तो पांचवे वर्ष में नदलेस की परिचायिका प्रकाशित की जाएगी जिसमें नदलेस के संदर्भ में, नदलेस के सभी सदस्यों द्वारा लिखित विचार दर्ज किए जाएंगे। तत्पश्चात, नदलेस द्वारा एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय संगोष्ठी में सभी आजीवन सदस्यों को आमंत्रित किया जाएगा। उपस्थित सभी सदस्यों को परिचायिका की एक-एक प्रति और सम्मान पत्र सादर भेंट किया जाएगा। बैठक में, नदलेस की इस योजना को सभी ने बहुत महत्वपूर्ण और एक जरूरी योजना बताया। बताया कि यह योजना न सिर्फ नदलेस के पांच वर्षों का इतिहास सहेजी बल्कि आने वाली पीढ़ी और संगठनों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। इस संदर्भ में नदलेस की दूरदर्शिता की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है कि उसने गठन के दौरान ही, न सिर्फ इतने दूर तक की रचनात्मक योजना बनाई बल्कि उसे अंजाम तक ले जाने का दृढ़ संकल्प लिया। और, आज उसे पूरा करने के कगार पर भी पहुंचा दिया है। 

          बैठक में यह भी तय किया गया कि नदलेस की वर्तमान कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी और सदस्य अपनी-अपनी वार्षिक सहयोग राशि आगमी इक्कतीस अक्टूबर तक वर्तमान कोषाध्यक्ष के पास अवश्य जमा करवा देंगे। यद्यपि संबंधित सामग्री हैंड ओवर करने का कार्य संबंधित पदाधिकारियों के अनुपस्थित रहने के कारण, अगली किसी ऑफलाइन गोष्ठी तक स्थगित किया गया। बैठक के निर्धारित विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श होने और संबंधित विषयों पर सर्वसम्मति बनने के उपरांत, उपस्थित साथियों का काव्य पाठ हुआ। इसमें सभी साथियों ने एक से बढ़कर एक कविता प्रस्तुत की। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अमित धर्मसिंह ने काव्यपाठ करने वाले सभी कवियों भूरि-भूरि प्रशंसा की और भाषा के प्रयोग के संदर्भ में बहुमूल्य सुझाव दिए। अध्यक्ष डॉ. अमित धर्मसिंह ने कार्यकारिणी के नए सदस्यों, राजपाल सिंह राजा, राजवीर सिंह निम और गौतम प्रकाश को नदलेस का पैन भेंट किया। संपादक लोकेश कुमार ने राजवीर सिंह निम और गौतम प्रकाश को नदलेस की विशेष पुस्तक पड़ताल की एक-एक प्रति भेंट की। नदलेस की मासिक गोष्ठियों के लिए बनाए गए, नए बैनर का सार्वजनीकरण उपस्थित साथियों द्वारा किया गया। अंत में, सभी उपस्थित साथियों का अनौपचारिक धन्यवाद ज्ञापन अंकेक्षक राधेश्याम कांसोटिया ने किया।


लोकेश कुमार 

सचिव, नदलेस 

22/09/2025
































22/09/2025 को हुए एक अन्य प्रोग्राम के कुछ फोटो...
(नोट : देवराज सिंह 'देव' नदलेस के आजीवन सदस्य और गत  कार्यकारिणी से कार्यकारिणी में बतौर सदस्य हैं।)
































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