ग़ज़लशाला -6, डॉ. रामावतार मेघवाल 'सागर' के ग़ज़ल संग्रह पर नदलेस ने की परिचर्चा


"आज भी सारस्वत सभा में सम्मिलित होने के दो अवसर थे। दुःखद यह था कि दोनों के आरम्भ का समय एक ही था।तो किसी एक को ही चुना जा सकता था। मैं ने ग्रीन पार्क जा कर अनुज,देव प्रकाश चौधरी जी के 'डॉयलॉग' कार्यक्रम में कविताओं के संभावित आनंद को इसलिए छोड़ा,क्योंकि 'नदलेस' की आभासी ग़ज़लशाला में मुझे टिप्पणीकार का दायित्व भी निभाना था। यहाँ ग़ज़लकार डॉक्टर रामावतार मेघवाल सागर(जिनके ग़ज़ल संग्रह पर आज चर्चा हुई।),डॉक्टर प्रद्युम्न वर्मा,अनुज कुमार,डॉ अमित धर्मसिंह,आर पी सोनकर,मदनलाल राज,संवत बैरवा,और शिवनाथ प्रसाद के विचार सुनकर अपने ढाई घंटों के सार्थक होने का हर्ष हुआ। वंशीधर नाहरवाल जी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का,मामचंद सागर जी का संचालन प्रिय लगा।"
- अरुण कुमार पासवान (फेसबुक से)











































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