कश्मीर सिंह के काव्य संग्रह, भूख का व्याकरण पर, 31/12/2023 को हुई परिचर्चा गोष्ठी की संक्षिप्त रिपोर्ट एवं फोटो
भूख का व्याकरण पर ऑनलाइन परिचर्चा गोष्ठी
नव दलित लेखक संघ, दिल्ली द्वारा कश्मीर सिंह के सद्य प्रकाशित काव्य संग्रह भूख के व्याकरण पर ऑनलाइन परिचर्चा गोष्ठी आयोजित की गई। बस वाली लड़की कहानी संग्रह के बाद यह उनका प्रथम काव्य संग्रह है। इसमें अतुकान्त कविताओं के साथ कुछ गीतिकाव्य की रचनाएं भी संगृहीत की गई हैं। गोष्ठी में मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ. एन. सिंह, मामचंद सागर, सुनीता कुमारी, जोगेंद्र सिंह और डॉ. नरेंद्र वाल्मीकि आदि उपस्थित रहे। गोष्ठी की अध्यक्षता पुष्पा विवेक ने की एवं संचालन हुमा खातून ने किया। डॉ. एन सिंह ने कहा कि कश्मीर सिंह का यह काव्य संग्रह, दलित जीवन और अनुभव की सार्थक अभिव्यक्ति है। मामचंद सागर ने कहा कि संग्रह में कुछेक शब्दावली और मान्यताएं आदि ऐसी हैं, जिनकी दलित साहित्य में कोई स्वीकृति नहीं। कवि को इस और ध्यान देने की आवश्यकता है। अन्य वक्ताओं ने भी संग्रह पर विभिन्न दृष्टिकोणों से यथोचित प्रकाश डाला। कश्मीर सिंह ने लेखकीय वक्तव्य में परिचर्चा गोष्ठी रखने हेतु नदलेस की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे आज की गोष्ठी से काफी कुछ सीखने को मिला है। निश्चित ही इससे मैं आगे की रचनाओं में रचनात्मक लाभ उठाऊंगा। अध्यक्षता कर रही पुष्पा विवेक ने कवि को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ऐसी परिचर्चा गोष्ठी रखने का यही औचित्य है कि हम एक दूसरे से सीखे और सिखाएं। गोष्ठी में कवि और उपस्थित वक्ताओं का परिचय डॉ. गीता कृष्णांगी ने प्रस्तुत किया तथा उपस्थित सभी साहित्यिकों का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अमित धर्मसिंह ने किया।













































































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