तीसरी कार्यकारिणी की प्रथम कार्यकारिणी मीटिंग 01/10/2023, संयोजक : बंशीधर नाहरवाल।
दिल्ली। नव दलित लेखक संघ, दिल्ली की तीसरी कार्यकारिणी की प्रथम कार्यकारिणी मीटिंग का आयोजन नदलेस के नव निर्वाचित उपाध्यक्ष बंशीधर नाहरवाल के संयोजन में पालम स्थित उन्हीं के आवास पर किया गया। मीटिंग में वार्षिक गोष्ठी चार्ट बनाने के अलावा नदलेस की वार्षिक कार्य योजना पर सघन विचार विमर्श हुआ। कार्यकारिणी की इस मीटिंग की अध्यक्षता बंशीधर नाहरवाल ने की और संचालन नदलेस की नव निर्वाचित सचिव हुमा ने किया। वार्षिक कार्य योजना का प्राथमिक ड्राफ्ट डॉ. अमित धर्मसिंह ने प्रस्तुत किया। मीटिंग में बंशीधर नाहरवाल, हुमा खातून और डॉ. अमित धर्मसिंह के अलावा अंकेक्षक मदनलाल राज़, प्रचार सचिव जोगेंद्र सिंह सोच तीन की नव निर्वाचित संपादक डॉ. गीता कृष्णांगी, सह सचिव बृजपाल सहज, सदस्य सलीमा, ममता अंबेडकर, भूपेंद्र सिंह के अलावा रजनी बौद्ध आदि उपस्थित रहें। सर्वप्रथम, वर्ष भर (अक्टूबर, 2023 से सितंबर, 2024 तक) होने वाली बारह ऑफलाइन गोष्ठियों के संयोजकों के नाम सर्वसम्मति से निर्धारित किए गए। ये नाम प्राथमिक तौर से इस प्रकार रहे- अक्टूबर, 2023 में जोगेंद्र सिंह, नवंबर में ममता अंबेडकर, दिसंबर में मदनलाल राज़, जनवरी, 2024 में हुमा खातून, फरवरी में सलीमा, मार्च में बृजपाल सहज, अप्रैल में मामचंद सागर, मई में डॉ. पूनम तुषामड, जून में डॉ. कुसुम वियोगी, जुलाई में पुष्पा विवेक, अगस्त में बंशीधर नाहरवाल और सितंबर, 2024 में डॉ. अमित धर्मसिंह गोष्ठी के संयोजक रहेंगे। आवश्यकतानुसार उक्त चार्ट में परिवर्तन भी किया जा सकेगा।
तत्पश्चात तय किया गया कि इस पूरे वर्ष या सत्र में लगभग छह विधाओं (आत्मकथा, उपन्यास, नवगीत, नाटक, ग़ज़ल और लघुकथा) पर बारह रचनाकारों की बारह पुस्तकों पर मुख्यतः परिचर्चा गोष्ठी आयोजित की जायेगी। इनके अलावा कुछेक कविता संग्रहों पर भी ऑनलाइन या ऑफलाइन परिचर्चा गोष्ठियां आयोजित होंगी। उक्त छह विधाओं में चयनित बारह रचनाकारों में छह पुरुष रचनाकार होंगे और छह स्त्री रचनाकार। इसी तरह कुछेक कविता संग्रहों के रचनाकार भी आधी स्त्री और आधे पुरुष रचनाकार होंगे। छह विधाओं में आयोजित होने वाली बारह मुख्य परिचर्चा गोष्ठियों में प्राथमिक तौर से, आत्मकथा में डॉ. अमित धर्मसिंह की आत्मकथा 'हमारे गांव में हमारा क्या है!' और डॉ. सुमित्रा मेहरोल की आत्मकथा 'टूटे पंखों से परवाज़ तक', उपन्यास में रत्नकुमार सांभरिया का उपन्यास 'सांप' और सुशीला टांकभौरे का उपन्यास 'वह लड़की', नवगीत में जगदीश पंकज का नवगीत संग्रह 'आक्रामक श्रद्धा के युग में' और अनामिका सिंह अना के नवगीत संग्रह 'न बहुरे लोक के दिन', नाटक में शीलबोधि का 'बहुभोज' और एक अन्य महिला नाटककार का नाटक..., ग़ज़ल में आर. पी. सोनकर का गज़ल संग्रह 'ज़िंदगी अनुबंध' है और एक अन्य महिला गजलकार का गजल संग्रह..., लघुकथा-संग्रह में डॉ. कुसुम वियोगी का लघुकथा संग्रह... और एक अन्य महिला लघुकथाकार का लघुकथा-संग्रह... पर परिचर्चा गोष्ठी रखनी तय की गई। उक्त बारह संग्रहों के अलावा डॉ. सीमा माथुर का काव्य संग्रह 'जंग जारी है' कश्मीर सिंह का काव्य संग्रह 'भूख का व्याकरण' और डॉ. प्रकाश कृष्णदेव का काव्य संग्रह 'आईनों से डरता समाज' के अलावा एस. एन. प्रसाद, आर. एस. दीवाना, आर. जी. कुरील, राजेश पाल, अजय यतीश का काव्य संग्रह 'मुक्ति के लिए' व अरुण कुमार पासवान, डॉ. नाविला सत्यादास, डॉ. खन्नाप्रसाद अमीन, सुनीता वर्मा, सरिता भारत, डॉ. धीरज वनकर, चितरंजन गोप लुकाटी, रूप सिंह रूप, डॉ. पूनम तुषामड, डॉ. प्रेरणा उबाले, रंजू राही, डॉ. नीतिशा खलखो और डॉ. राधा के काव्य संग्रह 'अंतर्मन की पीड़ा' आदि में से जिनके जिनके काव्य संग्रह उपलब्ध होते रहेंगे, उन काव्य संग्रहों पर यथासमय परिचर्चा गोष्ठियां आयोजित की जायेंगी। उक्त सभी परिचर्चाएं गोष्ठी पुस्तकों के प्रकाशन क्रम और रचनाकार की सदस्यता क्रम के आधार पर आयोजित की जाएंगी। यानी जो संग्रह पहले प्रकाशित होगा और जो सदस्य नदलेस से पहले जुड़ा होगा, उसे परिचर्चा के वरीयता के क्रम में रखा जायेगा। रचनाकार या उसकी पुस्तक उपलब्ध न होने या किसी अन्य अपरिहार्य कारण से वरीयता क्रम प्राथमिक सूची में आदि में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जा सकेगा। मीटिंग में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने उक्त वार्षिक कार्य योजना की सराहना करते हुए, विभिन्न दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण बताया। कहा कि इस वार्षिक कार्य योजना में न सिर्फ जरूरी विषयों को समाहित किया गया है बल्कि स्त्री और पुरुष रचनाकारों को बराबर का हक़ भी दिया गया है। उम्मीद जताई गई कि वरिष्ठ कवयित्री पुष्पा विवेक की अध्यक्षता और युवा कवयित्री हुमा खातून के संचालन में पूर्व सत्र की तरह यह सत्र भी रचनात्मक रूप से पर्याप्त सफल साबित होगा।
जोगेंद्र सिंह
प्रचार सचिव, नदलेस।































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