नदलेस कार्यकारिणी के छमाही मूल्यांकन की गोष्ठी
रिपोर्ट
नदलेस कार्यकारिणी के छमाही मूल्यांकन की गोष्ठी
नव दलित लेखक संघ की कार्यकारिणी के छमाही मूल्यांकन की गोष्ठी लोनी रोड, शाहदरा, दिल्ली स्थित संघाराम बुद्ध विहार में संपन्न हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता नदलेस के वर्तमान अध्यक्ष डा. कुसुम वियोगी ने की और संचालन महासचिव डा. अमित धर्मसिंह ने किया। गोष्ठी में विश्व विख्यात महाथेरा भंते करुणाकर जी की विशेष उपस्थिति रही। गोष्ठी दो चरणों में विभक्त रही। गोष्ठी के प्रथम चरण में गत छह माह का आय और व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। सभी डॉक्यूमेंट्स अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और महासचिव द्वारा हस्ताक्षरित किए गए। चूंकि नदलेस ने गत छह माह में 18 कार्यक्रम आयोजित किए इसलिए उनके आधार पर कार्यकारिणी के सभी सदस्यों की उपस्थिति काउंट की गई। जो अग्र प्रकार रही-
कार्यकारिणी
1. डा. कुसुम वियोगी, अध्यक्ष, 18 में से 10
2. मदनलाल राज़, उपाध्यक्ष, 18 में से 06
3. डा. अमित धर्मसिंह, महासचिव, 18 में से 18
4. डा. अमिता मेहरोलिया, सचिव, 18 में से 14
5. बृजपाल सहज, सहसचिव, 18 में से 16
6. डा. हरकेश कुमार, सहसचिव, 18 में से 05
7. हुमा ख़ातून, प्रचार सचिव, 18 में से 14
8. सोमी सैन, प्रचार सचिव, 18 में से 10
9. लोकेश कुमार, कोषाध्यक्ष, 18 में से 11
10. बंशीधर नाहरवाल, अंकेक्षक, 18 में से 13
11. डा. गीता कृष्णांगी, सदस्य, 18 में से 18
12. महिपाल, सदस्य, 18 में से 11
13. रॉक्सी कुमारी, सदस्य, 18 में से 06
14. समय सिंह जौल, सदस्य, 18 में से 05
15. पुष्पा विवेक, सम्मानित सदस्य 18 में से 11
संपादन मंडल
1. डा. अनिल कुमार, संपादक, 18 में से 07
2. हुमा ख़ातून, सहसंपादक, 18 में से 14
3. डा. हरकेश कुमार, सहसंपादक, 18 में से 05
4. ज्योति कुमारी, संपादन सहयोग, 18 में से 01
5. सुरेंद्र कुमार, संपादन सहयोग, 18 में से 02
आधे से कम उपस्थिति वाले कार्यकारिणी एवं संपादक मंडल के सदस्यों को एक अवसर देते हुए तय किया गया कि वे यदि अपने-अपने पदों पर बने रहने के इच्छुक हैं तो आगामी ऑफलाइन मीटिंग में उपस्थित होकर कार्यकारिणी को आश्वस्त करें कि वे आगामी छह माह के अधिकतम कार्यक्रमों में उपस्थित रहेंगे और अपने-अपने पद अनुरूप अपनी जिम्मेदारी का यथासमय निर्वहन करेंगे। यदि ऐसे सदस्य आगामी ऑफलाइन गोष्ठी में भी उपस्थित नहीं होंगे तो यह माना जायेगा कि वे अपने पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं। मजबूरन उनके स्थान पर दूसरे सक्रिय सदस्यों को सर्वसम्मति से चयनित कर लिया जायेगा। हालांकि, उक्त प्रकार से पद विमुक्त हुए सदस्यों की आजीवन सदस्यता बनी रहेगी जिससे वे सदस्यता पत्र में उल्लिखित आधार पर नदलेस की किसी भी मीटिंग में आने और नियमानुसार पुनः किसी कार्यकारिणी का हिस्सा बनने के अधिकारी रहेंगे।
इसके अतिरिक्त, वर्तमान कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से तीन नए सदस्य डा. घनश्याम दास, डा. मनोरमा गौतम और जोगेंद्र सिंह सम्मिलित किए गए। गोष्ठी में पांच नए आजीवन सदस्य, राष्ट्रपाल गौतम, ज्ञानेंद्र सिद्धार्थ, मंजू गौतम, आशा चंद्रा और भूपेंद्र सिंह बनाए गए। यह भी तय किया गया कि नदलेस के तीनों वॉट्सएप ग्रुप में से एक, नदलेस के केवल आजीवन सदस्यों का बनाया जाएं और दूसरा अन्य रचनाकारों का। तीसरा कार्यकारिणी का (जो कि वर्तमान में है) को ज्यों का त्यों रखा जाएं। अन्य रचनाकारों में से जो भी रचनाकार नदलेस का आजीवन सदस्य बनता जाए, उसे नदलेस के आजीवन सदस्य वाले ग्रुप में शामिल किया जाता रहे। आजीवन सदस्य वाले ग्रुप में जो काफी सक्रिय रहे और कार्यकारिणी में आने का इच्छुक हो, उसे नदलेस के नियमानुसार, नदलेस की कार्यकारिणी में शामिल करते हुए कार्यकारिणी के ग्रुप से जोड़ा जाए।
गोष्ठी के दूसरे चरण में कविता पाठ रखा गया। डा. मनोरमा गौतम, हुमा ख़ातून, भंते करुणाकर, डा. अमित धर्मसिंह, जोगेंद्र सिंह, पुष्पा विवेक, राष्ट्रपाल गौतम, ममता अंबेडकर और डा. कुसुम वियोगी आदि ने बेहतरीन कविताएं प्रस्तुत की। नदलेस की सचिव डा. अमिता मेहरोलिया के पिता समादृत कृष्णपाल और नदलेस की आजीवन सदस्य सलीमा जी के पति शुजात अली जी का 5 फरवरी, 2023 को आकस्मिक निधन होने पर डा. अमित धर्मसिंह द्वारा शोक पत्र का वाचन किया गया। उपस्थित रचनाकारों द्वारा दोनों अशेष के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने हेतु दो मिनट का मौन रखा गया। अध्यक्ष डा. कुसुम वियोगी ने नदलेस की गत छह माह की गतिविधियों की प्रसंशा की और आगे भी बेहतर कार्य करने की कामना की। साथ ही अध्यक्ष डा. कुसुम वियोगी ने नदलेस को सोच के प्रकाशन आदि के लिए दस हजार रुपए का आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की। गोष्ठी में डा. कुसुम वियोगी, डा. घनश्याम दास, डा. मनोरमा गौतम, डा. गीता कृष्णांगी, डा. अमित धर्मसिंह, राष्ट्रपाल गौतम, बृजपाल सहज, लोकेश कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार, आशा चंद्रा, ममता अंबेडकर, मंजू गौतम, जोगेंद्र सिंह, पुष्पा विवेक, हुमा ख़ातून और भंते करुणाकर जी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित रचनाकारों का अनौपचारिक धन्यवाद ज्ञापन हुमा ख़ातून ने किया।
रिपोर्ट
डा. अमित धर्मसिंह
महासचिव, नदलेस
11/02/2023

























































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