संबंधित राज्य में नदलेस की राज्य कार्यकारिणी बनाने के संदर्भ में

सम्मानित रचनाकार, सादर जय भीम, नमो बुद्धाय! विषय : 'नदलेस का संभावित विस्तार'* के अंतर्गत राज्य स्तर की कार्यकारिणी बनाने के संदर्भ में। हर्ष का विषय है कि आगामी 14 सितंबर, 2022 (हिंदी दिवस) को नदलेस के गठन को एक वर्ष होने जा रहा है। इस दौरान इसने अपने न्यूनतम कार्यों को बखूबी अंजाम दिया है। गौतम बुद्ध और डा. भीमराव अंबेडकर आदि दलित महापुरुषों की वैचारिकी पर चलते हुए इसने अपने वार्षिक संकलन सोच का प्रकाशन किया। वर्ष भर में तीस से अधिक विचार एवं काव्य गोष्ठियों का आयोजन किया। कई दूसरे महत्त्वपूर्ण कार्य किए, जैसे एक ही नाम के दो दलित लेखक संघों को एक कराने का प्रयास किया और करीब पचास पृष्ठों का प्रस्ताव पत्र तैयार किया। दलित साहित्यकारों की सहभागिता को लेकर संस्कृति मंत्रालय और साहित्य अकादमी को चिट्ठी लिखी (जिसका सकारात्मक जवाबी पत्र आया) आदि। यह सारा विवरण नदलेस के वार्षिकनामा में संकलित कर दिया गया है जो शीघ्र ही प्रकाशित किया जाएगा। इसके अलावा कई महत्त्वपूर्ण योजनाएं बनाई गई हैं, जिन पर कार्य चल रहा है, जैसे भारतीय दलित साहित्य एवं साहित्यकार कोश का निर्माण किया जा रहा है, जिसके तीन खंड होंगे- भारतीय दलित साहित्य कोश, भारतीय दलित साहित्यकार कोश और हिंदी दलित शब्दकोश। कोश के प्रथम दो खंडों में देश भर के प्रकाशित दलित साहित्य और जीवित, मृत दलित साहित्यकारों को सम्मिलित किए जाने की योजना है। कोश निर्माण से अभी तक के दलित साहित्य और साहित्यकारों का वस्तुनिष्ट इतिहास तैयार हो सकेगा और दलित साहित्यकारों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को अध्ययन और शोधकार्य आदि में बड़ी मदद मिल सकेगी। ऐसी ही अन्य कई योजनाओं के साथ, नदलेस के विस्तार की भी योजना है। इसके अंतर्गत भारत भर में प्रत्येक राज्य में राज्य स्तर की कम से कम एक कार्यकारिणी बनाई जानी है, जोकि नदलेस के न्यूनतम दायित्व** (नदलेस के संविधान में दर्ज हैं) का निर्वहन कर सके। प्रत्येक राज्य की कार्यकारिणी नदलेस के संभावित विस्तार के अंतर्गत अपने राज्य में जिला स्तर पर एक या एकाधिक स्थानीय कार्यकारिणियां गठित कर सकेगी। सभी स्थानीय कार्यकारिणी संबंधित राज्य कार्यकारिणी के अधीन कार्य करेंगी। राज्य स्तर की सभी कार्यकारिणी नदलेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, दिल्ली और भावी कोर कमेटी के अधीन कार्य करेंगी। किसी भी स्थानीय कार्यकारिणी पर राज्य कार्यकारिणी का नियंत्रण न रहने पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी संचालित करेगी। प्रत्येक राज्य कार्यकारिणी अपनी स्वतंत्र पत्रिका, वार्षिक संकलन और वार्षिकनामा आदि प्रकाशित कर सकेगी जिसमें वह राज्य भर के दलित रचनाकारों की रचनाएं प्रकाशित कर सकेगी। वार्षिकनामा में अपनी और राज्य की संबंधित स्थानीय कार्यकारिणियों की रचात्मक गतिविधियों को एक साथ संकलित और प्रकाशित कर सकेगी। अन्य परिस्थितियों में रचनाएं और महत्त्वपूर्ण मासिक अथवा वार्षिक रिपोर्ट्स आदि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वार्षिक संकलन सोच और वार्षिकनामा में संकलन और प्रकाशन हेतु भी भेजी जा सकेगी। कार्यकारिणी के शेष अधिकार और कर्तव्य से जुड़े सभी नियम, उपनियम, सामान्य और विशेष नियम नदलेस के संविधान में दर्ज हैं जो देश भर की कार्यकारिणियों पर लागू होंगे। इनके अनुसार संबंधित कार्यकारिणी और अन्य सांगठनिक गतिविधियों को आसानी से संचालित किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर राज्य कार्यकारिणियां अपना स्वतंत्र बॉयलॉज भी तैयार कर सकेगी। लेकिन प्रत्येक बायलॉज का अंबेडकरवादी और परिवर्तनकामी होना अनिवार्य होगा। अतः यदि आप और आपके दलित रचनाकार साथी अपने प्रदेश में नदलेस की राज्य अथवा स्थानीय स्तर की कार्यकारिणी बनाने के इच्छुक हैं तो कृपया, कम से कम सात दलित रचनाकारों के नाम और पद (अध्यक्ष -एक, उपाध्यक्ष -एक, सचिव - एक, सहसचिव - एक, प्रचार सचिव -एक, कोषाध्यक्ष - एक, और सदस्य -(एक या एकाधिक) सुनिश्चित करके 30 सितंबर, 2022 तक अथवा यथासमय नदलेस की ईमेल navdalitlekhaksangh@gmail.com पर अवश्य भिजवा दें, ताकि 30 सितंबर, 2022 तक अथवा यथासमय राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा संबंधित कार्यकारिणी की घोषणा की जा सके। सधन्यवाद। 01/09/2022 भवदीय डा. अमित धर्मसिंह महासचिव, नदलेस डा. अनिल कुमार अध्यक्ष, नदलेस एवं समस्त नदलेस परिवार। संलग्न *नदलेस का संभावित विस्तार **नदलेस की प्रत्येक कार्यकारिणी के न्यूनतम दायित्व क्रमशः 2 -2- *नदलेस का संभावित विस्तार 1. राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा देश के उनत्तीस राज्यों की उनत्तीस राज्य कार्यकारिणीयां और संपादन मंडलों का गठन। प्रत्येक राज्य कार्यकारिणी द्वारा दलित साहित्य की कम से कम एक पत्रिका/वार्षिक संकलन और वार्षिकनामा आदि का संपादन व प्रकाशन। 2. संबंधित राज्य कार्यकारिणियों द्वारा प्रत्येक राज्य में डिस्टिक या मंडल वाइज स्थानीय कार्यकारिणियों का गठन। आवश्यकता पड़ने पर यह काम राष्ट्रीय कार्यकारिणी भी कर सकेगी। 3. कोर कमैटी का गठन जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी राज्य और स्थानीय कार्यकारिणियों के अध्यक्ष शामिल हों। 4. नदलेस और सोच का रजिस्ट्रेशन करवाना और संबंधित ट्रस्ट का निर्माण। संबंधित कार्यकारिणियों में सलाहकार मंडल, कार्यक्रम योजना समिति, न्याय समिति, सामान्य या विशेष अस्थायी कार्यवाहक समिति, देश भर के दलित साहित्यकारों और संगठनों को सेंसर करने हेतु भारतीय दलित साहित्य प्रतिनिधि मंडल का गठन। 5. प्रत्येक राज्य में कम से कम एक दलित भवन का निर्माण, जिसमें दलित साहित्य, बुद्ध, फुले और बाबा साहब अम्बेडकर आदि संबंधित महापुरुषों का साहित्य हो तथा बैठकर पढ़ने की सुविधा हो। साथ ही कार्यक्रम करने और ठहरने की जगह और न्यूनतम खाने-पीने की सुविधा हो। **नदलेस की प्रत्येक कार्यकारिणी के न्यूनतम दायित्व 1. बुद्ध के धम्म-दर्शन, फुले और अम्बेडकरवादी चिंतन से प्रेरित रचनाओं का वार्षिक संकलन सोच अथवा संबंधित संकलन/पत्रिका आदि का प्रकाशन व प्रचार-प्रसार करना। 2. प्रत्येक वर्ष की संपूर्ण गतिविधियों का वार्षिकनामा प्रस्तुत, संपादित एवं प्रकाशित करना। 3. प्रत्येक माह कार्यकारिणी की कम से कम एक बैठक और एक मासिक काव्य एवं विचार गोष्ठी का ऑननलाइन या आॅफलाइन आयाजेन करना। आवश्यकतानुसार पुस्तक लोकार्पण चर्चा-परिचर्चा, कार्यशाला और विषय विशेष पर संगोष्ठी आदि करना। 4. आवश्यकता पड़ने पर सामाजिक न्याय और समानता के लिए धरने प्रदर्शन आदि करना अथवा संबंधित धरनों प्रदर्शनों में यथायोग्य भागीदारी करना तथा सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक कानूनी लड़ाई आदि लड़ना। 5. दलित साहित्य की पूर्व पीढ़ी का सम्मान करना, उसकी धरोहर/विरासत को संभालना तथा नव पीढ़ी को साहित्य और संगठन में यथायोग्य स्थान देकर प्रोत्साहित करना। 6. कार्यकारिणी का छमाही मूल्यांकन करना तथा आपस में प्रेम और सौहार्द बनाये रखना। प्रत्येक पांच या दस वर्ष में प्रस्तुत संविधान की समीक्षा करना और आवश्यकतानुसार संशोधन तथा पुनर्प्रकाशन आदि करना। 7. नदलेस के मूल स्वभाव और उद्देश्यों के अनुसार, नदलेस और इसकी रचना सामग्री का विस्तार करना तथा नदलेस की सामाजिक और साहित्यिक प्रतिष्ठा को बनाए रखना। नोट :- कार्यकारिणी की घोषणा के पश्चात, नव निर्वाचित कार्यकारिणी के अध्यक्ष को राष्ट्रीय कार्यकारिणी, दिल्ली की ओर से अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष की मोहरे, नदलेस का लेटर हेड, सदस्यता फॉर्म और बिल बुक, नदलेस के संविधान की पीडीएफ फाइल, नदलेस के वार्षिकनामा की पीडीएफ फाइल और सोच का प्रथमांक आदि सामग्री ससम्मान भेजी जाएंगी। हार्दिक शुभकामनाओं सहित- नव दलित लेखक संघ, दिल्ली।

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